database क्या है और किस तरह से काम करता है - what is database in hindi

Database क्या है - what is database in Hindi | आज हम ऐसे topic पर बात करने जा रहे हैं जिसे समझना आपके लिए बहुत ही जरूरी है अगर आप नहीं जानते कि डेटाबेस क्या है ( what is database in Hindi ) और डेटाबेस का इस्तेमाल किस तरह से किया जाता है तो आप इस आर्टिकल को पूरे अंत तक  पढ़ें आपको सब कुछ पता चल जाएगा.

इस लेख में हम यह सब topic के बारे में बात करने वाले हैं


  • database की परिभाषा
  • database क्या है - what is database in Hindi
  • database create करने से पहले क्या ध्यान रखना पड़ता
  • database तो किस तरह से डिजाइन किया जाता है
  • database management system क्या है
  • DBMS के उदाहरण
  • database model
  • database model के प्रकार



Database की परिभाषा :


पहले के समय में क्या होता था कि अगर हमें किसी इंसान या किसी वस्तु की details को संभाल के रखने के लिए हम उसे किसी नोटबुक में लिख लेते थे ताकि जब भी आगे हमें उस information की, उस data की जरूरत पड़े तो हम आसानी से उस डाटा को access कर पाए. पर अगर  आपसे वह कागज या नोटबुक कहीं खो गई या फिर फट गई तो हम उस इंफॉर्मेशन को एक्सेस नहीं कर पाते है. और यह सब किसी बड़े organization या फिर किसी बड़ी कंपनी के लिए  हितावह नहीं है. 


database kya hai
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पर अब समय बदल गया है आज का जमाना digital का जमाना है, कंप्यूटर का जमाना और इंटरनेट का जमाना है. अब कोई भी ऑर्गेनाइजेशन या फिर कोई कंपनी अपने employees का डाटा और अपने जरूरी data को किसी कागज में लिख कर नहीं रखते हैं. वह data को database में save करके रखते हैं ताकि जब भी उस डाटा की  जरूरत पड़े तो आसानी से कंप्यूटर या फिर मोबाइल के जरिए data को access किया जा सके.

हर एक कंपनी का, स्कूल का, हॉस्पिटल का, यूनिवर्सिटी का, रेलवे का या फिर किसी भी ऑर्गेनाइजेशन का अपना एक डेटाबेस होता है जहां पर वह इंफॉर्मेशन को डाटा को सेव करके रखते हैं.


database क्या है - what is database in Hindi


database का मतलब आप तभी समझ पाएंगे जब आपको data का मतलब पता होगा. तो सबसे पहले हम यह जानते हैं कि डाटा क्या होता है उसके बाद हम जानेंगे एक डेटाबेस क्या है. data मतलब information, आपका नाम, आपकी उम्र, आपके शहर  का नाम,  आपके देश का नाम, को आप किसी जगह store करके रखते हो तो बहुत data कहलाता है क्योंकि वह माहिती है एक प्रकार की इंफॉर्मेशन है. आप किसी फॉर्म में अपनी इंफॉर्मेशन को fill करते हो तो वह डाटा कहलाता है. तो अब आपको डाटा क्या होता है इसके बारे में पता चल गया होगा. जो आपका डाटा होता है वह जहां पर सेव होता है, जहां पर उस डाटा को स्टोर करके रखा जाता है उसे डेटाबेस कहते हैं. आसान शब्दों में कहा जाए तो डेटाबेस मतलब collection of data.

हम एक उदाहरण लेकर समझते हैं. एक स्कूल है और उस स्कूल को अपने स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों के नाम, वह किस किस कक्षा में पढ़ाई कर रहे हैं, उस बच्चे की उम्र क्या है, उस बच्चे के गांव का नाम क्या है जेसी इंफॉर्मेशन कहीं पर सेव करके रखना है तो वह स्कूल उसके लिए एक डेटाबेस बनाएगा ताकि वह उन सभी बच्चों का डाटा को वह उसमें सेव कर सके और आगे उस database के data का इस्तेमाल कर सकें.

अब तो आपको पता चल गया होगा कि database क्या है अब हम बात करेंगे कि आखिर डेटाबेस को किस तरह डिजाइन किया जाता है और हमें किन किन चीजो का ध्यान रखना आवश्यक होता है.

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डेटाबेस  क्रिएट करने से पहले किन-किन चीजों का ध्यान रखना पड़ता है


पर database को ऐसे ही नहीं बनाया जाता डेटाबेस को create करने से पहले हमें कितनी सारी चीजों का ध्यान रखना पड़ता है और सोचना पड़ता है कि कौन-कौन उस डाटा को access कर सकता है, कौन-कौन उस डेटाबेस में डाटा को insert कर सकते हैं, इन सभी के बारे में सोचना पड़ता है. पर डेटाबेस में डाटा किस तरह से store होगा यह भी सोचना पड़ता है और उसे अच्छी तरह से design करना पड़ता है.

डेटाबेस को डिजाइन करने के लिए जरूरत पड़ती है एक डेटाबेस डिजाइनर की और डेटाबेस को डिजाइन करने के बाद उसे बनाने के बाद उस डाटा को ऑपरेट करने के लिए जरूरत पड़ती है एक DBA (database administrator) की. DBA का काम है उस database में स्टोर डाटा को ऑपरेट करना और अगर उस database मे से कोई डाटा को सेव होने में या फिर उसे एक्सेस करने में किसी भी तरह का कोई प्रॉब्लम आता है तो उस प्रॉब्लम को ठीक करने का काम DBA का होता है.

डेटाबेस को क्रिएट करने से पहले डेटाबेस डिजाइनर कीसी पेपर पर उसे draw करता है और यह देखता है कि या यह डेटाबेस सही है या नहीं, कोई भूल तो नहीं, आगे जाकर कोई परेशानी तो नहीं होगी. जिस किसी भी कंपनी या फिर स्कूल या यूनिवर्सिटी को अपने डेटाबेस डिजाइन करना होता है वह डेटाबेस डिज़ाइनर को पहले से ही कह देते हैं कि कौन सा व्यक्ति किस डाटा को एक्सेस कर सकता है. उसके अलावा और कोई भी व्यक्ति उस डाटा को एक्सेस नहीं कर सकता. और इन सभी बातों का ध्यान रखते हुए डेटाबेस डिज़ाइनर को डेटाबेस डिजाइन करना पड़ता है.

और साथ में डेटाबेस डिज़ाइनर को यह भी सोचना पड़ता है कि कौन सा डाटा डेटाबेस के अंदर किस तरह से store होगा मतलब पहले उस व्यक्ति का name save होगा उसके बाजू में दूसरे कॉलम में उस व्यक्ति का surname save होगा इस तरह से सब कुछ सोचना पड़ता है.

इसका भी हम एक उदाहरण लेकर समझने की कोशिश करते हैं अगर आपने किसी वेबसाइट में या फिर किसी एप्लीकेशन में अपनी इंफॉर्मेशन को fill करके अकाउंट बनाया है तो उस फॉर्म में आपने  जो भी इंफॉर्मेशन दी होगी वह केवल आप ही देख पाएंगे आपके अलावा कोई दूसरा व्यक्ति उस इंफॉर्मेशन को देख नहीं सकता मतलब आपने जो इंफॉर्मेशन फील करी है वह किसी डेटाबेस में store होगी. पर उस डाटा को एक्सेस करने का अधिकार केवल आपstore, आपके अलावा किसी और को नहीं.

अब आप अच्छी तरह से समझ गए होगे कि एक डेटाबेस को डिजाइन करने के लिए किन किन चीजों की ध्यान रखने की आवश्यकता पड़ती है. किसी छोटे डेटाबेस को डिजाइन करना बहुत आसान होता है पर अगर किसी बड़े ऑर्गेनाइजेशन के लिए किसी बड़ी कंपनी के लिए एक डेटाबेस को डिजाइन करना बहुत ही मुश्किल हो जाता है.

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database designer एक technical person होता है जिसे डेटाबेस के बारे में पूरी जानकारी होती है


Database management system


DBMS (database management system) मतलब एक ऐसा software system जिसके जरिए आप database में स्टोर हुए डाटा को एक्सेस कर सके उस database में और डाटा को insert कर सके. यह सॉफ्टवेयर सिस्टम से आप यह सब कर सकते हैं insert, delete, update, select, access data from database.

DBMS के जरिए आप database में store हुए डाटा को maintain कर पाते हैं उस डाटा में मोडिफिकेशन कर सकते हैं. DBMS मतलब collection of programs. DBMS आपको एक तरह का user friendly interface दे देता है ताकि आपको डेटाबेस को maintain करने में किसी भी प्रकार की परेशानी ना हो, आप आसानी से डाटा को एक्सेस कर सके, अपडेट कर सके और insert भी कर सकें.


DBMS के उदाहरण :


DBMS एक तरह का software होता है इसके बारे में नीचे बताया गया हैं.

1. MYSQL

MySQL एक तरह का relational database management system है. जिसकी शुरुआत 1995 में MySQL AB के द्वारा की गई थी पर यह अब Oracle corporation के अंतर्गत आता है. और यही अब इसका मालिक है. MySQL से आप आसानी से डाटा को access और insert कर सकते हैं और भी बहुत कुछ कर सकते हैं. इसमें अगर आपको डेटाबेस के बारे में बहुत ज्यादा मालूम ना हो तब भी आप mysql का use कर पाओगे.

2. Oracle

Oracle को object relational database management system कहा जाता है. जिस कंपनी ने इसे बनाया है उस कंपनी का नाम है ओरेकल कॉरपोरेशन. आजकल ओरेकल का बहुत ज्यादा इस्तेमाल किया जाता है बाकी सॉफ्टवेयर के मुकाबले.

3. SQL server

sql server एक तरह का डेटाबेस मैनेजमेंट सिस्टम है. जोmysql और oracle की तरह ही काम करता है और इसका भी बहुत ज्यादा use होता है.

4. Microsoft access

आपको तो इस DBMS software के नाम पर से ही पता चल गया होगा कि यह किस कंपनी का है. Microsoft access को Microsoft कंपनी के द्वारा बनाया गया था.

और भी कई ऐसे सॉफ्टवेयर है जिनकी मदद से आप database में स्टोर हुए डाटा को मेंटेन कर पाते हैं.

पर इन सब में आपने एक शब्द को जरूर देखा और वह शब्द है sql. तो मैं आपको sql के बारे में बता देता हूं.

sql का पूरा नाम structure query language है. यह एक तरह की programming language है जिसकी मदद से आप डेटाबेस में डाटा को insert कर सकते हो, delete कर सकते हो या फिर access कर सकते हो.


database model


डेटाबेस में logically data किस तरह से store होगा यह database model के हिसाब से तय किया जाता है. मतलब डेटाबेस के अंदर किस तरह से डाटा को सेव किया जाए यह सब आप database model के ऊपर से decide कर सकते हो. इसको भी हम एक example लेकर समझते हैं,

मान लो आपको किसी स्कूल के डेटाबेस को डिजाइन करने के लिए बोला गया तो आप पहले क्या करोगे? पहले आप यह सोचोगे कि स्कूल के डाटा को डेटाबेस में किस तरह से स्टोर करु मतलब पहले किस डाटा को स्टोर करूं और बाद में  किस डाटा को स्टोर करु, उस डाटा को column मैं किस तरह से स्टोर किया जाए. आपके मन में यही सब सवाल आएंगे तो इन सभी सवालों के जवाब के लिए आपको database model के बारे में पता होना चाहिए. जिससे आपको यह अंदाजा आ सकता है कि मैं database में डाटा को किस प्रकार स्टोर कर सकूं.


database model के प्रकार :


  1. Network data model
  2. Relational data model
  3. Hierarchical data model

conclusion :

आज के इस article में मैंने आपको पूरी तरह से बताया है की database क्या है, database को बनाने से पहले हमें किन-किन चीजों को ध्यान में रखने की आवश्यकता पड़ती है और डेटाबेस को किस तरह से डिजाइन किया जाता है, database management system क्या है. DBMS के कितने प्रकार होते हैं, data model क्या होता है, data model के कितने प्रकार होते हैं इसके बारे में पूरी डिटेल में बात की है. अगर आप कंप्यूटर इंजीनियरिंग की या फिर कंप्यूटर से related कोई भी course कर रहे हो तब तो आपको डेटाबेस को पूरी तरह से समझना होगा यह बहुत उपयोगी है. 

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1 comments:

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November 10, 2019 at 10:08 AM ×

Aapka sit kon se plateform par hosted hai bhai mujhe achchha laga

Congrats bro Khilawan patel you got PERTAMAX...! hehehehe...
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